Sep 4, 2018
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Handpicked Bewafa Shayari In Hindi

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Every person might have faced rejection and bitter moments in some phase of life. This happens with everyone. Yet we fail to express it and fail for words. So today we are bringing the best shayari’s to express your emotions on it. Share this with those who betrayed you and make them realize your importance.

 

Suno ek baar aur mohabaat karni hai tumse lekin is baar kewafai hum karenge

AAo phir se dohrai apni kahani mai tumhe bepanah chahuga aur tum mujhe bewajah chhod jana

Bhula dena mujhe, hai alvida tujhe, tujhe jeena hai mere bina

Agle barson ki tarah honge qarine tere kisi malum nahi barah maheene tere

Mujhe apni mohabbat par bahut naaj tha, lagi thokar aisi bewafai ki ke mohabbat se nafrat ho gai

Kaun karta hai yaha pyaar nibhanne ke liye dil to bas ek khilona hai jamane ke liye

Marne ke baat pe jo rakhte the hontho pe ungliyan, afsoos wahi meri jaat ke katil nikle

Bewafa bewafa bewafa mikli hai tu, ni jutha pyaar jutha pyaar jutha pyaar kita hai tu

Kyu nahi mahsus hoti ussi taqleeg meri jo kehte the bahut acche se jante hai mujhe

Pyaar mai tere sab kuch bhula baithe hum toh tujhko apna khuda maan baithe magar dil mai tumhare koi aur basa hai ye khuda ki kaisi raza hai

mana mausam bhi badalte hai magar dhire dhire tere badalne ki raftaar se toh havai bhi hairan hai

Jate jate usne palatkar itna hi kaha mujh se meri bewafai se hi mar javoge ya maar ke jau?

Tumhare hoge chahne vale bahut is kainat mai, magar is pagal ki toh kainaat hi tum ho

Tu bhi aaine ki tarah bewafa nikla jo samne aaya ussi ka ho gaya

Ye duniya ka revaaj bhi bada ajeeb hai, jo wafadar hota hai dhoka bhi usi ki sath hota hai

 

 

खफा होकर हमसे फिर मान जाना,
यही अदा तो हमको बहुत भाती है,
बाकी तो सब कुछ भूल चुके हैं हम,
मगर हमको वो बेवफा बहोत याद आती है!!

कोई भी नही यहाँ पर अपना होता,
इस दुनिया ने यह सिखाया है हमको,
उसकी बेवफ़ाई का ना चर्चा करना,
आज दिल ने यह समझाया है हमको!!

यह माना के मुहब्बत करना है जुर्म मगर,
यह जुर्म यारो बार बार करते हैं हम,
वो बेवफा है संगदिल हैं जानते है मगर,
उनपर यारो आज भी ऐतबार करते हैं हम!!

आपने तो की थी दिल्लगी मगर,
हम तो दिल अपना तोड़ बैठे,
आपने समझा प्यार को खेल मगर,
हम तो गमो से नाता जोड़ बैठे!!

मैं नहीं जानता प्यार मैं बेवफ़ाई क्यू मिलती है पर,
इतना जरूर जानता हूँ, जब दिल भर जाए तो लोग छोड़ देते हैं!!

दिलवाले तो और भी होंगे तुम्हारे शहर में मगर,
हमारा अंदाज़-ए-वफ़ा तुम्हे हमेशा याद आएगा!!

जैसा करोगे आप वैसा ही पाओगे सदा,
आज सबके होठो पर यह सच्चाई मिली,
मगर कैसे मान लूँ मैं इस बात को सच,
मुझको तो वफ़ा के बदले बेवफ़ाई मिली!!

जिस फूल की परवरिश हम ने अपनी मोहब्बत से की,
जब वो खुश्बू के क़ाबिल हुआ तो औरो के लिए महकने लगा!!

बड़ा शौक़ था उन्हे मेरा आशियाना देखने का,
जब देखी मेरी गरीबी तो रास्ता बदल लिया!!

कभी देखा है अंधे को किसी का हाथ पकड़ कर चलते हुए,
मैने मोहब्बत में ‘तुझपे’ कुछ यूँ भरोसा किया था!!

में जानता हूँ की उसके बिना जी नही पाऊंगा,
हाल उसका भी यही है मगर किसी ओर के लिए!!

करती है वो किनारे से बेवफ़ाई,
या फिर सागर से वफ़ा निभाती है!!

कहते है गम बांटने से होता है कम,
ऐसा ही कभी पहले मानते थे हम,

सोचता हूँ इन सागर की लहरो को देख कर,
क्यों ये किनारो से टकरा कर पलट जाती है,

मुहब्बत ने आज हुमको रुला दिया,
जिस पर मरते थे उस ने ही भुला दिया,
हम भी उस की याद भूलने क लिए पीते गये,
एक दिन बेवफा ने उस मे भी ज़हर मिला दिया!!

उनकी चाहत मे दिल मजबूर हो गया,
बेवफ़ाई करना उनका दस्तूर हो गया,
कसूर उनका नही मेरा था,
हमने चाहा ही इतना की उनको शायद गुरूर हो गया!!

मैं नही जानता मुझसे खफा कौन है,
मैं ये जानता हू वफ़ा कौन है,
वो चली तो गयी है पर पता ये करना है की,
ज़िंदगी ओर उसमे बेवफा कौन है!!

टूटे हुए प्याले में जाम नहीं आता,
इश्क़ में मरीज को आराम नहीं आता,
ये बेवफा दिल तोड़ने से पहले ये सोच तो लिया होता,
की टुटा हुआ दिल किसी के काम नहीं आता!!

हमने भी किसी से प्यार किया था,
हाथो मे फूल लेकर इंतेज़ार किया था,
भूल उनकी नही भूल तो हमारी थी,
क्यों की उन्हो ने नही, हमने उनसे प्यार किया था!!

सब कुछ है मेरे पास,
पर दर्द ऐ दिल की दवा नही,
दूर है वो मुझसे,
फिर भी मैं उससे खफा नही,
सो गम सहे हैं,
पर अब भी प्यार करता हूँ उसको,
क्यूंकी मैं थोड़ा जिद्दी हूँ,
मगर बेवफा नही!!

आप ने की बेवफाई,
मगर मैं अभी वफ़ा करता हूँ,
कही आखो में ना आजाए आँसू,
इसलिए मुस्कुराते रहता हूँ!!

इतने ज़ख़्म खाए हुए है,
अब इश्क़ भी होता नही,
दर लगता है इस ज़माने में,
कहीं सब बेवफा तो नही!!

मजबूरी में जब कोई जुदा होता है,
ज़रूरी नही के वो बेवफा होता है,
देख कर वो आपकी आँखो मे आँसू,
अकेले मे आपसे भी ज़्यादा रोता है!!

दिन हो भले ही रात हो,
बस याद तेरी ही आती है,
कैसे कहूं के मैं ठीक हू,
यह हरदम मुझको रूलाती है,
अब तो यारो खुद से भी,
मुझको वफ़ा की उमीद नही,
मोहब्बत ऐसी सही है यारो,
जिसे सकते कभी खरीद नही!!

दिल के दरिया मे धड़कन की कश्ती है,
ख्वाबो की दुनिया मे यादो की बस्ती है,
मोहब्बत के बाज़ार मे चाहत का सौदा,
वफ़ा की कीमत से तो बेवफ़ाई सस्ती है!!

हमारी ज़िंदगी तो कब की बिखर गयी,
हसरते सारी दिल में ही मर गयी,
चल पड़ी वो जब से बैठ के डोली में,
हमारी तो जीने की सारी तमन्ना ही मर गयी!!

हम भी कभी मुस्कुराया करते थे,
उजाले मे भी शोर मचाया करते थे,
उसी दिए ने जला दिया मेरे हाथो को,
जिस दिए को हम हवा से बचाया करते थे!!

उन्होंने हमें आजमाकर देख लिया,
इक धोखा हमने भी खा कर देख लिया.
क्या हुआ हम हुए जो उदास,
उन्होंने तो अपना दिल बहला के देख लिया!!

वफ़ा की तलाश करते रहे हम,
बेवफाई में अकेले मरते रहे हम,
नहीं मिला दिल से चाहने वाला
खुद से ही बेवजह डरते रहे हम,
लुटाने को हम सब कुछ लुटा देते,
मोहब्बत में उन पर मिटते रहे हम,
खुद दुखी हो कर खुश उन को रखा
तन्हाईयों में सांसे भरते रहे हम,
वो बेवफाई हम से करते ही रहे,
और दिल से उन पर मरते रहे हम!!

रात की गहराई आँखों में उतर आई,
कुछ ख्वाब थे और कुछ मेरी तन्हाई,
ये जो पलकों से बह रहे हैं हल्के हल्के,
कुछ तो मजबूरी थी कुछ तेरी बेवफाई!!

इतनी मुश्किल भी ना थी
राह मेरी मोहब्बत की,
कुछ ज़माना खिलाफ हुआ
कुछ वो बेवफा हो गए!!

लगे हे इल्ज़ाम दिल पे जो मुझ को रुलाते है,
किसी की बेरूख़ी और किसी और को सताते हे,
दिल तोड़ के मेरा वो बड़ी आसानी से कह गये अलविदा,
लेकिन हालात मुझे बेवफा ठहराते है!!

एक दिन हम आपसे इतनी दूर हो जाएँगे,
के आसमान के इन तारो मे कही खो जाएँगे,
आज मेरी परवाह नही आपको,
पर देखना एक दिन हद से ज़्यादा… हम आपको याद आएँगे!!

हक़ीकत जान लो जुड़ा होने से पहले,
मेरी सुन लो अपनी सुनने से पहले,
ये सोच लेना भूलने से पहले,
बहुत रोई हैं ये आँखें मुस्कुराने से पहले!!

क्या पता था प्यार करके दिल तोड़ जायेगी,
दिल मे प्यार भर के मुँह मोड़ जाएगी,
ऐ बेवफा,
तू जिससे भी दिल लगाएगी देखना,
कभी चैन की सांस ना ले पाएगी!!

सब कुछ मिला बस खुदाई के सिवा,
ज़िंदगी बहुत पसंद आई रुसवाई के सिवा,
मेरी चाहत का एहसास भी न होगा,
उसकी हर अदा पसंद आई बेवफ़ाई के सिवा!!

अगर इतनी ही नफरत है हमसे तो, दिल से ऐसी दुआ करो, की आज ही तुम्हारी दुआ भी पूरी हो जाये और हमारी जिन्दगी भी!!

कौन कहता है हम उसके बिना मर जायेंगे, हम तो दरिया है समंदर में उतर जायेंगे, वो तरस जायेंगे प्यार की एक बून्द के लिए, हम तो बादल है प्यार के किसी और पर बरस जायेंगे!!

एक ग़ज़ल तेरे लिए ज़रूर लिखूंगा, बे-हिसाब उस में तेरा कसूर लिखूंगा, टूट गए बचपन के तेरे सारे खिलौने, अब दिलों से खेलना तेरा दस्तूर लिखूंगा।

हर धड़कन में एक राज होता है बात को बताने का भी एक अंदाज होता है जब तक ना लगे ठोकर बेवाफाई की तब तक हर किसी को अपने प्यार पर नाज होता है…!!

पहले जिंदगी छीन ली मुझसे… अब मेरी मौत का भी वो फायदा उठाती है! मेरी कब्र पे फूल चढाने के बहाने… वो किसी और से मिलने आती है…

बिखरे हुए दिल ने भी उसके लिए फरियाद मांगी मेरी सांसो ने भी हर पल उसकी खुशी मांगी जाने क्या मोहब्बत थी उस बेवफा में… कि मैंने आखिरी फरियाद में भी उसकी वफा मंगी!

ला तेरे पैरों पर मरहम लगा दूं कुछ चोट तो तुझे भी आई होगी मेरे दिल को ठोकर मारकर

 

 

 

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shayari

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